रेवंत रेड्डी का बयान हिंदुओं का अपमान, कांग्रेस नेतृत्व देश से माफी मांगे : संजय सरावगी
वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के 'लंका कांड' में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी : संजय सरावगी

*रेवंत रेड्डी का बयान हिंदुओं का अपमान, कांग्रेस नेतृत्व देश से माफी मांगे : संजय सरावगी
*वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के ‘लंका कांड’ में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी : संजय सरावगी
*राजनीतिक लाभ के लिए भगवान और सनातन को भी बांटने का प्रयास कर रही कांग्रेस : संजय सरावगी
*उत्तर-दक्षिण की धार्मिक पहचान को लेकर समाज में विभाजन पैदा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीति : संजय सरावगी
*कांग्रेस नेता बार-बार सनातन और भगवान का अपमान कर रहे, अब हद हो गई : संजय सरावगी*
पटना, 29 सितंबर। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान को लेकर दिए गए बयान पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रेवंत रेड्डी के बयान को हिंदू समाज की धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक लाभ के लिए लगातार सनातन धर्म और हिंदू आस्था को निशाना बनाते रहे हैं। लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के नेता भगवान को भी बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान किसी एक क्षेत्र, राज्य या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े विषय को उत्तर और दक्षिण भारत के नाम पर बांटना समाज को विभाजित करने की राजनीति है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने की अपेक्षा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी का बयान राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक पहचान और क्षेत्रीय विभाजन से जोड़ना देश की सामाजिक एकता के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सनातन परंपरा की अपनी विविधता और गहरी जड़ें हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं को अलग-अलग राजनीतिक पहचान देकर प्रस्तुत करना देश की सांस्कृतिक एकता को कमजोर करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और रेवंत रेड्डी के बयान के लिए हिंदू समाज से माफी मांगे। संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक परंपराएं देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता रह-रहकर राजनीतिक फायदे के लिए सनातन और भगवान का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे बयानों और राजनीति को समझ रही है तथा समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
उन्होने कटाक्ष करते हुए कहा कि कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के ‘लंकाकांड’ में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी।
उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह वोट की राजनीति के लिए समाज को बांटने के बजाय देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सभी धर्मों की आस्था के सम्मान की राजनीति करे।



