बिहार की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अब उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में उतरने का बड़ा फैसला लिया है।

बिहार की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने अब उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में उतरने का बड़ा फैसला लिया है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी पार्टी के विस्तार और चुनावी तैयारियों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी। चिराग पासवान ने दो-टूक शब्दों में कहा कि एनडीए गठबंधन के साथ उनका सीट शेयरिंग का समझौता बनता है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेगी। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में नई सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
यूपी चुनाव को लेकर चिराग का बीजेपी को मैसेज?
पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा, ‘यूपी में गठबंधन होगा या नहीं होगा, ये तमाम बातें चर्चा का विषय है। लेकिन, पार्टी हमारी चुनाव लड़ेगी, ये तय है।’ मतलब, उन्होंने साफ-साफ कहा कि एनडीए के साथ मेरा गठबंधन हो या न हो, मेरी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेगी। ये बात पूरी तरह तय है। उनके इस रुख से जाहिर होता है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक जमीन तैयार करने को लेकर बेहद गंभीर है और इसके लिए हर स्थिति का सामना करने को तैयार है।
यूपी में पार्टी विस्तार को लेकर फ्यूचर प्लानिंग
– चुनावी प्रतिबद्धता: चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि गठबंधन की शर्तों से परे जाकर पार्टी यूपी में चुनाव लड़ेगी।
– पार्टी विस्तार की रणनीति: बिहार के बाद पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में लोजपा (रामविलास) के संगठन को मजबूत करना प्राथमिक लक्ष्य है।
– गठबंधन पर निर्भरता नहीं: बीजेपी और एनडीए सहयोगियों के साथ सीटों पर बात न बनने की स्थिति में भी पार्टी अकेले मैदान में उतरने को तैयार है।
– राष्ट्रीय पहचान की कोशिश: यूपी जैसे बड़े राज्य में चुनाव लड़कर चिराग पासवान अपनी पार्टी के जनाधार दायरे को बढ़ाना चाहते हैं।
– यूपी में विधानसभा चुनाव: अगले विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की संभावना है, 22 मई 2027 को कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
यूपी के सियासी रण में उतरने की तैयारी
चिराग पासवान लंबे समय से अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। बिहार में अपनी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजर उत्तर प्रदेश के विशाल मतदाता वर्ग पर है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में दलित और युवा मतदाता हैं, जिन्हें साधने के लिए चिराग अपनी रणनीति बना रहे हैं। चिराग पासवान का ये बयान एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे और भावी रणनीतियों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। आमतौर पर गठबंधन सहयोगी एक-दूसरे के प्रभाव वाले राज्यों में रणनीतिक समझौते करते हैं, लेकिन चिराग के इस खुले रुख ने बीजेपी नेतृत्व को यह संकेत दे दिया है कि वे अपनी पार्टी की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं से कोई समझौता नहीं करेंगे। #LJP #UttarPradeshElections #ChiragPaswan #NDA #PoliticalStrategy #Bihar #Election2027



