
आईपीएस आदित्य कुमार को बड़ी राहत,बिहार सरकार ने विभागीय कार्यवाही की समाप्त, कोट के आदेश पर प्रोन्नति का रास्ता साफ
बिहार सरकार के गृह विभाग ने वर्ष 2011 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी और गया के तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। इस संबंध में गृह विभाग द्वारा विधिवत संकल्प जारी कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि गया में पदस्थापन के दौरान शराब बरामदगी के गंभीर मामले को हल्के में लेने, अधीनस्थ थाना पदाधिकारियों पर नियंत्रण के अभाव और थानों के समय पर निरीक्षण में कोताही बरतने के आरोपों को लेकर वर्ष 2022 में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी। जांच आयुक्त की रिपोर्ट में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद इसे आगे बढ़ाया गया था।
इसके उपरांत श्री आदित्य कुमार ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण , पटना पीठ में याचिका दायर की थी। कैट ने सुनवाई के बाद उनके विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही और जांच प्रतिवेदन को निरस्त करते हुए उन्हें पुलिस उप-महानिरीक्षक पद पर प्रोन्नति देने तथा सभी सेवा संबंधी परिणामी लाभ अनुमान्य करने का आदेश पारित किया था।
इस आदेश के अनुपालन को लेकर राज्य सरकार ने महाधिवक्ता से विधिक परामर्श लिया, जिसमें महाधिवक्ता ने कैट के निर्णय को चुनौती दिए बिना उसका अनुपालन करने का मंतव्य दिया। महाधिवक्ता के परामर्श और न्यायाधिकरण के आदेश के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार ने श्री कुमार के खिलाफ संचालित विभागीय कार्यवाही को पूर्णतः समाप्त करने का निर्णय लेते हुए आधिकारिक आदेश निर्गत कर दिया है।



