
नशामुक्त बिहार के संकल्प पर कायम नीतीश सरकार, सख्त कार्रवाई जारी – अरविंद निषाद
19 फरवरी 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा साल 2016 से बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी के फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण और जनहित की भावना से प्रेरित था, और आज भी राज्य सरकार अपने इस संकल्प पर पूरी मजबूती से कायम है।
शराबबंदी लागू होने के बाद से दिसंबर 2025 तक राज्य में 4.5 करोड़ लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इस अवधि में 16 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है, 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं तथा 1.6 लाख से अधिक वाहन जब्त किए गए हैं। ये आंकडे़ दर्शाते हैं कि कानून केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कठोरता से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी को असफल बताने वाले विपक्षी दल वास्तविकता से आंख मूंद रहे हैं। सामाजिक स्तर पर इस कानून के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू हिंसा के मामलों में कमी, परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा महिलाओं की सामाजिक भागीदारी में वृद्धि जैसे अनेक सकारात्मक परिवर्तन सामने आए हैं। राज्य की लाखों माताओं-बहनों ने शराबबंदी के पक्ष में खुलकर समर्थन दिया है और इसे अपने सम्मान एवं सुरक्षा से जोड़ा है
जहां तक शराबबंदी की समीक्षा की मांग का प्रश्न है, सरकार का मानना है कि जनहित में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक और दूरदर्शी है। इसे कमजोर करने या राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है। कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में यदि कहीं चुनौतियां हैं तो सरकार उन्हें दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है, परंतु शराबबंदी की मूल भावना से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार यह स्पष्ट करती है कि शराबबंदी कानून केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है। सरकार कानून को और अधिक प्रभावी बनाने, अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई जारी रखने तथा राज्य को नशामुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराती है।
(अशोक कुमार)
कार्यालय सचिव



