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राज्य सरकार के द्वारा शहरी क्षेत्र में टैक्स बढ़ाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर पर ₹1200 सालाना टैक्स और स्टेट हाईवे टौल टैक्स जनता पर बोझ डालने वाली जनविरोधी नीति है : एजाज अहमद

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राज्य सरकार के द्वारा शहरी क्षेत्र में टैक्स बढ़ाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर पर ₹1200 सालाना टैक्स और स्टेट हाईवे टौल टैक्स जनता पर बोझ डालने वाली जनविरोधी नीति है : एजाज अहमद

 

पटना 3 जुलाई 2026

बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में सरकार के द्वारा शहरी क्षेत्र में टैक्स बढ़ाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर पर ₹1200 टैक्स और स्टेट हाईवे टौल टैक्स जनता पर वोट डालने वाली जन विरोधी नीति है, जो आम जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है।

इन्होंने कहा कि सबको पता है कि बिहार में चुनाव जीतने के लिए सरकार ने खजाना खाली कर दिया है और अब जनता पर तरह-तरह के टैक्स लादे जा रहे हैं। सरकार राजस्व वसूली के लिए शहरी क्षेत्र में तो टैक्स में वृद्धि कर ही दिया है अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रत्येक घर ₹1200 सालाना टैक्स के प्रावधान के साथ स्टेट हाईवे पर टौल टैक्स वसूली को कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी देकर आम जनों पर बोझ लादने का कवायद कर रही है,जो कहीं से उचित नहीं है।

इन्होंने आगे कहा कि बिहार में सरकार के स्तर से लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं और ना ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के आयाम के लिए कोई योजनाएं दिख रही हैं । बिहार में सरकार के स्तर से महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों को कमजोर करने की दृष्टिगत ही सरकार के स्तर से टैक्स वसूली की बातें सामने आ रही है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं नदारद है। जहां गांव में रहने वाले किसी तरह से मजदूरी और खेती करके अपना और परिवार का लालन-पालन करते हैं वहीं अब उन्हें अब पंचायती राज व्यवस्था में प्रत्येक घर₹1200 टैक्स वसूली की बातें सामने आ रही है। सरकार की इस तरह की नीतियां कहीं ना कहीं महात्मा गांधी के विचार और सपनों को कमजोर ही करेगा, क्योंकि महात्मा गांधी का सपना था कि गांव में सरकार के स्तर से विकास के लिए सुविधा दी जाए और सरकार के स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराया जाए लेकिन सरकार का जिस तरह से दृष्टिकोण सामने आ रहा है इससे स्पष्ट होता है की सुविधा नदारद ,विकास शुन्य, लेकिन राजस्व वसूली के लिए सरकार हर वह काम कर रही है जो जनता और जनता के हितों के खिलाफ है। यहां ग्रामीण जनता सरकार से यह उम्मीद लगाए बैठी है की सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए नौकरी रोजगार के साथ विकास की योजनाएं देने का काम करेगी वहीं अब सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को घर पर ₹1200 सालाना टैक्स देना पड़ेगा । सरकार की नीतियां ग्रामीण क्षेत्रों को कमजोर करने के साथ-साथ आम जनों को उस स्थिति में पहुंचने वाली है जिससे कि ग्रामीणों के जीवन यापन में भी कठिनाई उत्पन्न हो जाएगा।

बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चल रही है ये ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आफत लाने वाली सरकार है।

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