
मरीजों के इलाज से लेकर फायर आॅडिट तक, निशांत के फैसलों में दिखी जनसेवा – राजीव रंजन प्रसाद
05 जुन 2026, पटना।
जद (यू) राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद ने जारी बयान में आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर में अस्पताल में हुए दुखद अग्निकांड को लेकर राजद द्वारा अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रीय जनता दल द्वारा श्री निशांत कुमार की प्रतिबद्धता, कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए गए, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
दुखद घटना की जानकारी मिलते ही श्री निशांत कुमार ने अपना प्रस्तावित दिल्ली दौरा तत्काल स्थगित कर दिया और पूरी गंभीरता के साथ स्थिति पर नजर बनाए रखी। उनका यह निर्णय दर्शाता है कि जनहित और मानवीय संवेदनाएं उनके लिए किसी भी व्यक्तिगत अथवा अन्य कार्यक्रम से ऊपर हैं। संकट की इस घड़ी में उन्होंने जिस तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, उससे बिहार के लोगों को उनकी कार्यशैली में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील नेतृत्व की झलक दिखाई देती है।
घटना के बाद प्रभावित मरीजों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकारी खर्च पर इलाज कराने का फैसला लिया गया। यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का प्रमाण है। इसके साथ ही राज्य के अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से व्यापक फायर आॅडिट कराने का निर्देश दिया गया, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि आपदा और दुःख की घड़ी राजनीति करने का नहीं, बल्कि पीड़ितों के साथ खड़े होने का समय होता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आरजेडी बिना तथ्य जाने केवल राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। बिहार की जनता सब देख रही है और यह भी समझ रही है कि कौन संकट के समय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करता है तथा कौन केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है।
श्री निशांत कुमार ने इस पूरे प्रकरण में जिस गंभीरता, जवाबदेही और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया है, वह जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से स्थापित करता है। बिहार की जनता के हित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही उनकी कार्यशैली की पहचान है और आगे भी यही दृष्टिकोण राज्य के विकास तथा जनकल्याण का आधार बना रहेगा।
(अशोक कुमार)
कार्यालय सचिव



