राहुल गांधी का मानसिक दिवालियापन अब बयानों में दिखने लगा है : संजय सरावग

*राहुल गांधी का मानसिक दिवालियापन अब बयानों में दिखने लगा है : संजय सरावग
*चुनावी हार के बाद राहुल गांधी हताशा और मानसिक दिवालियापन के शिकार : संजय सर
*राहुल गांधी देश की जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रहे हैं : संजय सरावगी
*चुनाव में लगातार हार से राहुल गांधी बौखलाए : संजय सरावग
*प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर व्यक्तिगत टिप्पणी लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान: संजय सरावग
*जनता ने राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति को बार-बार नकारा है : संजय सरावग
*राहुल गांधी हताशा में हैं , यह हताशा गांधी परिवार की सत्ता की भूख से उपजी है: संजय सरावगी
*राहुल गांधी की बयानबाजी उनके मानसिक तौर पर बीमारका प्रमाण : संजय सरावगी
पटना, 20 मई। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राहुल गांधी देश की जनता को गुमराह करने और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी निराधार आरोपों तथा नकारात्मक राजनीति के माध्यम से देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं।राहुल गांधी देश के राजनीतिक वातावरण को गंदा करने पर तुले हैं
संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व मंच पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। देश की विदेश नीति, आर्थिक नीति और सुरक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिल रहा है। भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। लेकिन राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान देते रहे हैं, जिनसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास होता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि रचनात्मक सुझाव देना भी होता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी केवल विरोध के लिए ‘विरोध’ की राजनीति कर रही है। देश की जनता अब यह समझ चुकी है कि कांग्रेस के पास न तो कोई सकारात्मक एजेंडा है और न ही विकास का कोई स्पष्ट विजन। इसी कारण जनता लगातार चुनावों में कांग्रेस को नकारती रही ह
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का मानसिक दिवालियापन अब उनके बयानों में भी दिखने लगा है। आज स्थिति यह है कि चुनाव में लगातार मिल रही हार के बाद राहुल गांधी हताशा और मानसिक दिवालियापन के शिकार हो गए ह
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की हाल की बयानबाजी उनके मानसिक तौर पर बीमार का प्रमाण है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी को चाहिए कि वे तथ्यों और वास्तविक मुद्दों के आधार पर राजनीति करें। देश की जनता महंगाई, रोजगार, विकास और सामाजिक कल्याण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस केवल भ्रम और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देने में लगी हुई है। जनता अब नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है और विकास, सुशासन एवं राष्ट्रहित के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावों में जनता का विश्वास हासिल करने में असफल रहे हैं। देश की जनता बार-बार उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और कांग्रेस की नीतियों को खारिज करती रही है। ऐसे में उनके हालिया बयान गंभीर विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय राजनीतिक हताशा से प्रेरित दिखाई देते हैं। जनता उन नेताओं को पसंद करती है जो सकारात्मक सोच और समाधान आधारित राजनीति करें, न कि केवल आरोप-प्रत्यारोप की भाषा बोलें।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर बिना तथ्यों के व्यक्तिगत आरोप लगाना केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उस लोकतांत्रिक व्यवस्था का भी अपमान है जिसके माध्यम से देश की जनता ने अपना जनादेश दिया है। भारत की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री का चयन किया है और उसी जनादेश के आधार पर सरकार एवं मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। इसलिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हताशा में हैं और यह हताशा गांधी परिवार की सत्ता की भूख से उपजी है। इसी हताशा में वह मानसिक रूप से अस्थिर हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन आलोचना तथ्यों, मर्यादा और जवाबदेही के साथ होनी चाहिए। विपक्ष यदि निराधार आरोपों और व्यक्तिगत हमलों की राजनीति करेगा तो इससे लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होगा। देशहित में जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाना आवश्यक है, ताकि लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, युवाओं के भविष्य, किसानों के उत्थान और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ऐसे समय में विपक्ष को देशहित में सकारात्मक सहयोग देना चाहिए, न कि जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम करना चाहिए।



