
*सीबीएसई द्वारा मैथिली भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के निर्णय का राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने किया स्वागत**
दिनांक-27/05/2026
स्थान -पटना
राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मैथिली भाषा को कक्षा 1 से लेकर माध्यमिक स्तर (10वीं) तक मातृभाषा के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत एवं समर्थन किया है।
रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद श्री उपेंद्र कुशवाहा जी ने कहा कि यह निर्णय मिथिला की समृद्ध भाषा, संस्कृति और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय कदम है। मैथिली केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने ने कहा कि नई शिक्षा नीति में मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की जो परिकल्पना की गई थी, यह निर्णय उसी भावना को मजबूत करता है। प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होने से बच्चों की बौद्धिक क्षमता, समझ और सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
पार्टी ने केंद्र सरकार एवं सीबीएसई प्रशासन से आग्रह किया कि मैथिली भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति, गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता तथा डिजिटल अध्ययन सामग्री की व्यवस्था भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए, ताकि इस निर्णय का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश कुमार ने मिथिलांचल सहित देशभर के मैथिली भाषी समाज को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि पार्टी भविष्य में भी क्षेत्रीय भाषाओं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।
रजनीश कुमार
प्रदेश प्रवक्ता
राष्ट्रीय लोक मोर्चा



