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सात निश्चय-3 के तहत हर प्रखंड में माॅडल स्कूल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार – उमेश सिंह कुशवाहा पटना, 22 मई 2026

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सात निश्चय-3 के तहत हर प्रखंड में माॅडल स्कूल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार – उमेश सिंह कुशवाहा

पटना, 22 मई 2026

बिहार जद (यू0) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने बयान जारी कर कहा कि मा0 नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए सात निश्चय-3 के चैथे संकल्प ‘उन्नत शिक्षा -उज्ज्वल भविष्य’ के अंतर्गत मा0 मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी के नेतृत्व में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को माॅडल स्कूल के रूप में विकसित करने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इससे प्रदेश के छात्र-छात्राओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में व्यापक मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इन माॅडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं तथा खेलकूद की उन्नत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही अनुभवी शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मेडिकल, इंजीनियरिंग, ओलंपियाड एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी को भी मजबूत आधार मिलेगा

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मा0 नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बीते दो दशकों में बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2005 में राज्य में जहां 53 हजार विद्यालय थे, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 75 हजार से अधिक हो गई है। आज प्रदेश के 97.61 प्रतिशत टोले सरकारी विद्यालयों से आच्छादित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में उच्च विद्यालयों की स्थापना एवं 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने से विशेष रूप से छात्राओं को बड़ी सुविधा मिली है। साइकिल एवं पोशाक योजना के सकारात्मक परिणामस्वरूप आज मैट्रिक और इंटरमीडिएट में छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक हो गई है। इन योजनाओं की सराहना देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हुई तथा कई राज्यों ने इसे अपनाया।

श्री कुशवाहा ने कहा कि मा0 नीतीश कुमार के सतत प्रयासों एवं दूरदर्शी नीतियों के कारण बिहार की साक्षरता दर लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्ति से छात्र-शिक्षक अनुपात 65रू1 से सुधरकर 29रू1 हो गया है। वर्ष 2005 में शिक्षा बजट लगभग 4 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

(संजय कुमार सिन्हा)

कार्यालय सचिव

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