
नीतीश माॅडल के सहारे बिहार ने चुनौतियों को अवसर में बदला – डाॅ0 अनुप्रिया यादव
14 जुन 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 अनुप्रिया यादव ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि माननीय श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों के चलते बिहार ने बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद विकास का एक नया माॅडल प्रस्तुत किया है। यह परिवर्तन किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के रूप में श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच, दृढ़ संकल्प और सुशासन की नीति का परिणाम है।
किसी भी राज्य में उद्योग तभी आते हैं जब वहां सुरक्षा, बेहतर आधारभूत संरचना और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध हो। बिहार में इन सभी क्षेत्रों में हुए सुधारों के कारण आज निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और राज्य औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सात निश्चय पार्ट-3 के माध्यम से सरकार ने रोजगार सृजन, कौशल विकास, उद्योग विस्तार, निवेश आकर्षण और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को अपने ही राज्य में अवसर उपलब्ध कराने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
बिहार सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को और अधिक निवेश-अनुकूल बनाया है, जिससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल हुई है। सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल करना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना तथा विनिर्माण आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। इसके तहत ईज आॅफ डूइंग बिजनेस को सशक्त किया जा रहा है, मेगा फूड पार्क, औद्योगिक पार्क और एमएसएमई पार्क विकसित किए जा रहे हैं तथा लाखों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बिहार की अर्थव्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए डिफेंस काॅरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी, फिनटेक सिटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है। सरकार ने आने वाले वर्षों में बड़े निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि बिहार कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के साथ-साथ उद्योग और तकनीक आधारित विकास का भी मजबूत केंद्र बन सके।
निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने कई प्रशासनिक सुधार किए हैं। उद्योगों के लिए आवश्यक अनेक स्वीकृतियों को समयबद्ध और आॅनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा गया है, जिससे निवेशकों को जटिल प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह बिहार में सुशासन और पारदर्शिता का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में नालंदा की बावनबूटी, गया की पत्थरकट्टी कला और भोजपुर की पीढ़िया जैसी पारंपरिक कलाओं को जीआई टैग मिलने से इन कलाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। इससे स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को नई पहचान और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय श्री नीतीश कुमार द्वारा रखी गई मजबूत विकासात्मक नींव और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के कारण बिहार विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आज का बिहार सुशासन, विकास, निवेश, तकनीकी प्रगति और युवाओं की आकांक्षाओं का बिहार है, जहां चुनौतियों से अधिक संभावनाएं हैं और जहां का युवा अपने राज्य में रहकर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव


