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पटना के ज्ञान भवन में भाजपा का ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम, जेपी सेनानियों का हुआ सम्मान*

लोकतंत्र की रक्षा के महान संघर्ष को नमन, आपातकाल के काले अध्याय को याद कर नई पीढ़ी को किया गया जागरूक

*पटना के ज्ञान भवन में भाजपा का ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम, जेपी सेनानियों का हुआ सम्मान*

*लोकतंत्र की रक्षा के महान संघर्ष को नमन, आपातकाल के काले अध्याय को याद कर नई पीढ़ी को किया गया जागरूक

*केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद राधामोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता रहे उपस्थित

*मंच पर जेपी सेनानी सम्मानित,300 से अधिक सेनानियों का सामूहिक अभिनंदन*

पटना, 25 जून। 25 जून 1975 को देश पर थोपे गए आपातकाल की स्मृति में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पटना के ज्ञान भवन में ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रता पर हुए ऐतिहासिक हमले की स्मृति को संजोने, लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जनांदोलन को नमन करने तथा नई पीढ़ी को लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद राधामोहन सिंह सहित केंद्र और बिहार सरकार के अनेक मंत्री, सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में जेपी आंदोलन से जुड़े सेनानी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जेपी आंदोलन के सेनानियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सांकेतिक रूप से मंच पर सात जेपी सेनानियों — विक्रम कुमार, कुमार रघुपति, राजाराम पांडेय, रमाकांत पांडेय, किरण घई, दुर्गा सिंह और रीता सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित 300 से अधिक जेपी सेनानियों का भी सामूहिक अभिनंदन किया गया। सेनानियों को जे..पी. नड्डा, सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और राधामोहन सिंह ने सम्मानित कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और योगदान को नमन किया। उपस्थित अन्य जेपी सेनानियों को कार्यक्रम में मौजूद विधायकों और भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था, जब संविधान की आत्मा पर आघात किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता को कुचला गया, नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए और विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिहार, विशेषकर पटना, उस ऐतिहासिक जनांदोलन की धरती रहा है जहां से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का बिगुल फूंका गया था। इसलिए ‘संविधान हत्या दिवस’ का यह आयोजन केवल स्मरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता का सार्वजनिक संकल्प भी है।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठक नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, भारत सरकार में मंत्रीगण, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, राम कृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, संजय गुप्ता, पूर्व विधायक अरुण कुमार सिन्हा, महामंत्री प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक, हरिभूषण ठाकुर बचौल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, मनोज कुमार सिंह पटना नगर अध्यक्ष रूप नारायण मेहता सहित अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, प्रदेश पदाधिकारी एवं जेपी सेनानी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पवन जायसवाल एवं प्रदेश मंत्री कुमार राघवेंद्र ने संयुक्त रूप से किया।

पूरे आयोजन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान और आपातकाल जैसे काले अध्याय की पुनरावृत्ति न होने देने का संकल्प दोहराया गया। भारतीय जनता पार्टी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वाले जेपी सेनानियों का सम्मान राष्ट्र के लोकतांत्रिक चरित्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाली पीढ़ियों को इस विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

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