अपने हर संकल्प को साकार करना पीएम और सीएम की खासियत
प्रेस-विज्ञप्ति
अपने हर संकल्प को साकार करना पीएम और सीएम की खासियत : विजय कुमार सिन्हा
पीएम-सीएम ने लालटेन और लाल आतंक से मुक्त कराकर बिहार में विकास की लंबी लकीर खींची : विजय कुमार सिन्हा
भय भूख और भ्रष्टाचार से आजादी के संकल्प को साकार करने में जुटी है डबल इंजन सरकार : विजय कुमार सिन्हा
पीएम और सीएम बिहार में हर दिन प्रगति की नई पटकथा लिख रहे : विजय कुमार सिन्हा
अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदीजी के शंखनाद पर अभी से सकते में विपक्ष : विजय कुमार सिन्हा
बाबासाहेब को अपमानित कर संविधान और शुचिता को पामाल कर रहा विपक्ष : विजय कुमार सिन्हा
पटना 22 अगस्त
बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रधानमंत्री के गयाजी और सिमरिया धाम दौरे को राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक बताया है ।
श्री सिन्हा ने कहा कि मोदी जी की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं । इसबार ऊर्जा, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़ी 12 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के क्रम में उन्होंने एकबार फिर विकसित बिहार बनाने का अपना संकल्प दोहराया है, इसे भी वे साकार कर दिखाएंगे ।
श्री सिन्हा ने कहा कि भय,भूख और भ्रष्टाचार से देश को मुक्त कराना शुरू से NDA का घोषित एजेंडा रहा है । जहां ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने देश को बाहरी हमले के भय से सुरक्षित किया । वहीं पीएम और सीएम की जोड़ी ने राज्य को लालटेन और लाल आतंक के भय से निजात दिलाया । डबल इंजन की सरकार समेकित और सतत विकास को हर दिन सशक्त करने में जुटी है। 38 लाख पक्के मकान के साथ गरीबों को सुविधा, सुरक्षा और सुनिश्चित करने से लेकर औद्योगिक क्षेत्र (डोभी), बक्सर सहित 3 नए पावर प्लांट, कैंसर अस्पताल और रिसर्च संस्थान, बुनियादी ढांचों के समयबद्ध विकास की सौगात देकर राज्य की चहुंमुखी प्रगति के नए-नए रास्ते खोले जा रहे हैं ।
श्री सिन्हा ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश की राजनीति को अपराध और भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त कराया जाए । इसी सोच के साथ 130 वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया है । जिसमें गंभीर मामलों में 30 दिन से अधिक के सजायाफ्ता लोग लाभ के पद से हटा दिए जाएंगे । जिसे देखकर सजायाफ्ता परिवारवादियों और भ्रष्टाचार के पोषकों का कलेजा अभी से कांपने लगा है ।
श्री सिन्हा ने कहा कि अलग-अलग भेष और भाषा अपनाकर स्वांग रचने वाले राजद-कांग्रेस के लोग इतने सकते में हैं कि इस बिल पर चर्चा तक से कतरा रहे हैं । हद तो यह है कि इनके कर्णधार राहुल और तेजस्वी जिस बाबासाहेब के संविधान की दुहाई ये बीते आम चुनाव से ही देकर घूम रहे हैं, उनकी प्रतिमा का सम्मान तक करना गवारा नहीं समझते । लालूजी ने तो बाकयदा बाबासाहेब की तस्वीर पैरों के पास रखकर दुनिया को संदेश दे ही दिया था कि वे हमारे संविधान निर्माता और उनके अनुयायियों के बारे में क्या सोच रखते हैं । संविधान शुचिता और सत्ता को अपने कुकृत्यों से पामाल करने वाले ये राजद-कांग्रेस के लोग केवल अपनी सत्ता का स्वार्थ और भ्रष्टाचार के मंसूबों को सफल बनाने में जुटे हैं । जिसे राज्य की 14 करोड़ जनता किसी कीमत पर सफल नहीं होने देगी ।



